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हनुमान व्रत (Hanuman Vrat): मंगलवार व्रत कथा |  हनुमान व्रत विधि| कैसे करे हनुमान जी को खुश...


नमस्कार दोस्तों,

आज हम इस लेख में हनुमान जी के व्रत से जुडी बातो के जानेंगे| आज हम जानेंगे की हनुमान जी को कैसे खुश किया जाये ताकि बजरंगबली जी की कृपा दॄष्टि आप सभी लोगो पर बानी रहे| इस लेख में हम हनुमान जी की कथा भी पढ़ेंगे| और जानेंगे कि हनुमान जी के व्रत के दौरान हमें क्या करना चाहिए और क्या भूलकर भी नहीं करना चाहिए|

दोस्तों हिन्दू मान्यताओ के अनुसार अगर कोई व्यक्ति पूरे मन और विधि विधान से बजरंगबली जी कर व्रत करता है तो बजरंगबली जी महाराज उसके सभी दुःखो को हर लेते है और उस इंसान के जीवन ख़ुशी एवं समृद्धि लोट आती है|

जैसा की आप सब लोग जानते होंगे की मंगलवार का दिन श्री हनुमान जी को समर्पित है इसी कारण हनुमान जी का व्रत मंगलवार को किया जाता है|

दोस्तों अब काफी लोगो के मन में ये सवाल उठता है की हनुमान जी का व्रत पूरे विधि विधान से कैसे किया जाये| आज हम आपके श्री हनुमा जी के व्रत से जुड़े सभी सवाल के जवाबो के उत्तर जानेंगे| सबसे पहले जानेंगे की मंगलवार का व्रत किन-किन लोगो को रखना चाहिये|

मंगलवार का व्रत किन लोगो को रखना चाहिए|


दोस्तों मंगलवार का व्रत सभी हनुमान भक्त रख सकते है इससे व्यक्ति के जीवन में सुख शांति मिलती है| ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार का व्रत उन लोगो के लिए अतियंत महत्वपूर्ण है जिनकी कुंडली में मंगल गृह निर्बल हो जिसकी वजह से उन्हें शुभ फल की नहीं हो पा रही हो| हनुमान जी का व्रत संतान प्राप्ति के लिए भी किया जाता है| यह व्रत वो लोग भी कर सकते है जिनके स्वभाव में उग्रता होती है या फिर हिंसात्मक प्रवृति हो| यह व्रत उस व्यक्ति के गुस्से एवं मन को शांत करता है|

मंगलवार के व्रत के क्या लाभ होते है  


मंगलवार के व्रत से हनुमान जी की उनके भक्तो पर कृपा दॄष्टि बानी रहती है| यह व्रत सम्मान, बल, सहस और पुरुषार्थ को बढ़ाता हैं| इस व्रत को करने से इंसान के मन को शांति मिलती हैं उसे समस्याओं से लड़ने की हिम्मत मिलती हैं| इस व्रत के फलस्वरूप इंसान पर किसी भी भूत-प्रेत या फिर काली शक्तियों का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता है| जैसा की हनुमान चालीसा में भी कहा गया है " भूत पिचास निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे"| यह व्रत घर में शांति के लिए भी किया जाता है ताकि घर में सुख शांति बानी रहे, घर में कलेश न हो| घर में किसी बुरे साये का दुष्प्रभाव ना हो पाए|

मंगलवार का व्रत करने से किस तरह के फल की प्राप्ति होती है

  • मंगलवार का व्रत आर्थिक समस्याओ को दूर करने के लिए किया जा सकता है|
  • दोस्तों ऐसी बहुत से परेशानियां होती है जिसका हमे हल न मिल रहा हो तो हमें हनुमान जी की याद आ जाती है  "बेगी हरो हनुमान महाप्रभु, जो कछु संकट होए हमारो, कौन से संकट मोर गरीब को जो तुम से नहीं  जात है टारो||"
  • इस व्रत को जीवन में आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए भी किया जाता है|
  • शनि ग्रह की शांति के लिए भी यह व्रत काफी लाभकारी होता है।
दोस्तों कई लोगो के मन में यह प्रश्न भी उठता है की मंगलवार के व्रत कब से शुरू करने चाहिये| तो अब हम इसी के बारे में जानेंगे|




मंगलवार के व्रत कब शुरू करने चाहिए


दोस्तों प्रतियेक महीने में दो पक्ष होते है कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष| मंगलवार का व्रत हमें शुक्ल पक्ष में शुरू करना चाहिए| शुक्ल पक्ष अमावस्या के बाद आता है जो भी शुक्ल पक्ष का पहला मंगलवार हो उस दिन से आप व्रत को शुरू कर सकते है| इसका कारन यह है की शुक्ल पक्ष चंद्र की वृद्धि का सूचक है और इस समय पर व्रत शुरू करने से जैसे चंद्र वृद्धि को प्राप्त होता है उसी तरह व्रत का फल बढ़ जाता है|

अब हम मंगलवार व्रत की विधि जानेंगे| दोस्तों विधि जानने से पहले हमें एक बात स्पष्ट रूप से जान लेनी चाहिए की हनुमान जी का व्रत लगातार 21 मंगलवार करना चाहिए| 

मंगलवार व्रत की विधि

  1. सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करे| शास्त्रों के अनुसार व्रत के दिन सूर्योदय से पहले उठना शुभ मन जाता है|
  2. अगर आपके पास को लाल रंग का वस्त्र है तोह उसे भी धारण कर सकते है इस दिन लाल वस्त्र धारण करना सुबह मन जाता है|
  3. अब किसी एकांत स्थान पर हनुमान जी की प्रतिमा को स्थापित करें और फिर प्रतिमा के सामने बैठकर हनुमान जी का ध्यान करें| ध्यान लगाने के समय हनुमान जी के व्रत को पूरी भक्ति के साथ पूर्ण करने का संकल्प ले|
  4. हनुमान जी की मूर्ति के सामने घी का दिय्या जलाये और हनुमान जी पर फूल माला या फिर फूल चढ़ाएं| अब हनुमान जी को सिन्दूर लगाएं और सिन्दूर से अपने माथे पर टिका लगा ले|
  5. इसके बाद पूरे भक्तिभाव से हनुमान जी की व्रत कथा पढ़ें इसके साथ हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड का पाठ भी करना चाहिए|
  6. इसके बाद बजरंगबली महाराज को को भोग लगाएं और हनुमान जी की प्रतिमा के सामने माथा टेके और अपनी मनोकामना बाबा से कहे| 
  7. शाम के समय हनुमान जी को बेसन के लड्डू या फिर खीर का भोग लगाएं और हनुमान जी की आरती करें| इसके बाद प्रसाद का सभी लोगो में वितरण कर दें| 
  8. इसके बाद आप भोजन करें| भोजन करते समाज इस बात का अवश्य ध्यान रखे इस भोजन में नमक न हो अर्थात भोजन नमनरहित होना चाहिए|
  9. हनुमान जी का व्रत करने वालों को इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन अवश्य करना चाहिए|



मंगलवार व्रत उद्यापन


21 मंगलवार के व्रत के पूर्ण होने के बाद आप 22वें मंगलवार के दिन उद्यापन करें|  इस दिन पूरे विधि विधान के साथ हनुमान जी की पूजा करें और उन्हें चोला चढ़ाएं| उसके बाद 21 ब्राह्मणों को भोजन कराएं और अपनी क्षमता अनुसार दान दक्षिणा दें|

मंगलवार के व्रत का भोजन

  • हनुमान जी का व्रत में नमक का सेवन बिलकुल नहीं करे|
  • शाम के समय हनुमान जी की पूजा को पूर्ण करने के बाद आप भोजन कर सकते है| खाने में आप गेंहू और गुड़ से बना खाना खा सकते है| आप बिना नमक का गेंहू का पराठा गुड़ के साथ खा सकते है| अगर हो सके तो आप भोजन करने से पहले किसी पशु को भोजन अर्पित करे और उसके बाद प्रशाद ग्रहण करिए|



श्री हनुमान जी के मंगलवार के व्रत के दिन ये चीजें भूलकर भी ना करे|

  • इस दिन आप नमक का सेवन बिलकुल ना करे|
  • इस दिन बाल और नाखुनो को काटना अशुभ माना जाता है तो यह बिलकुल भी ना करे|
  • इस व्रत के दिन आप एक बार से अधिक भोजन ना करे अर्थात केवल रात्रि के समय ही व्रत खोलकर भोजन ग्रहण करे|


श्री हनुमान! मंगलवार व्रत कथा (Mangalwar Vrat Katha)


प्राचीन काल में एक ब्राह्मण दंपत्ति एक छोटी सी कुटिया में रहता था| ब्राह्मण और उसकी पत्नी दोनों ही हनुमान जी के भक्त थे| ब्राह्मण दंपत्ति के कोई संतान नहीं होने के कारण वह बहुत परेशान एवं दुखी रहते थे| एक दिन ब्राह्मण हनुमान जी की पूजा के लिए वन में चला गया| वन में जाकर वो हनुमान जी का ध्यान करने लगा| उस ब्राह्मण ने वन में हनुमानजी की पूजा के साथ महावीर जी से एक पुत्र की प्राप्ति के लिए कामना प्रकट की|

ब्राह्मण के साथ साथ उसकी पत्नी भी हनुमान जी की परम भक्त थी| वह पुत्र की प्राप्ति के लिए हनुमान जी का व्रत करती थी| ब्राह्मणी पुरे विधि विधान से हनुमान जी का व्रत करती थी| ब्राह्मणी मंगलवार के दिन व्रत के अंत में ही भोजन ग्रहण करती थी| मंगलवार व्रत के दिन वह ब्राह्मणी हनुमान जी को भोग लगाने के बाद ही स्वयं भोजन ग्रहण किया करती थी|

एक दिन क्या हुआ की ब्राह्मणी मंगलवार व्रत के दिन भोजन नहीं बना पाई जिसके कारण वह हनुमान जी को भोग न लगा सकी| वह परेशान हो गयी की वह हैनिमन जी को बिना भोग लगाए अगले दिन कैसे भोजन ग्रहण कर सकती है| तो फिर उस ब्राह्मणी ने उसी समय ये प्रण किया की वह अगले मंगलवार को हनुमान जी को भोग लगाने के पश्चात ही भोजन करेगी|

वह छह दिन तक भूखी प्यासी रही| मंगलवार के दिन जिस दिन उसे हनुमान जी को भोग लगाना था उस दिन वह बेहोश हो गई| हनुमान जी ने उसकी ब्राह्मणी की निष्ठा और लगन को देखकर प्रसन्न हो गए| हनुमान जी ने उसे दर्शन दिए और कहा की - "मै तुम्हारी निष्ठा को देखकर अत्यंत प्रसन्न हूँ"| हनुमान जी ने उस ब्राह्मणी को आशीर्वाद के रूप में एक पुत्र दिया और कहा की यह तुम्हारी बहुत सेवा करेगा| यह सुनकर ब्राह्मणी प्रसन्न हो गई और बालक को पाकर उसकी ख़ुशी का ठिकाना न रहा| 

ब्राह्मणी ने उस बालक का नाम मंगल रखा| कुछ समय बाद जब ब्राह्मण हनुमान जी की पूजा करके वन से लोटा, तो उसे एक बालक कि आवाज सुनाई दी| जब ब्राह्मण ने घर के अंदर प्रवेश किया तो बालक को देखकर ब्राह्मणी से पूछा की यह बालक कौन है| तो ब्राह्मणी ने बताया कि हनुमान जी ने मंगलवार के व्रत से प्रसन्न होकर अपने आशीर्वाद के रूप में हम दोनों को ये संतान दी है|

ब्राह्मण को अपनी पत्नी की इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा था| एक दिन क्या हुआ की जब ब्राह्मणी वन में खाना बनाने के लिए लकडिया लाने वन में गई तो ब्राह्मण ने इस मौके का फायदा उठाते हुए उस बालक को एक कुएं में गिरा दिया| 

घर लौटने पर ब्राह्मणी ने पूछा कि, मंगल कहा है? यह सवाल का ब्राह्मण कोई जवाब नहीं दे पा रहा था| इतने में ही मंगल उस ब्राह्मण के पीछे से मुस्कुरा कर आगे आ गया| उसे बालक को वापस देखकर ब्राह्मण आश्चर्यचकित हो गया| 

रात्रि के समय जब ब्राह्मण गहरी निद्रा में था तब श्री हनुमान जी ने उसे सपने में दर्शन दिए और बताया कि यह पूत्र उसे उन्होंने ही दिया है| यह सुनकर ब्राह्मण अतियंत खुश हुआ| इसके बाद ब्राह्मण दंपत्ति प्रत्येक मंगलवार को हनुमान जी का व्रत रखने लगे और अपना जीवन आनंदपूर्ण व्यतीत करने लगे| 

शास्त्रों के अनुसार, जो भी मनुष्य मंगलवार व्रत कथा को पढ़ता या सुनता है, और नियम से व्रत रखता है उसे हनुमान जी की कृपा से सब कष्ट दूर होकर सर्व सुख प्राप्त होता है, और हनुमान जी की दया के पात्र बनते हैं।


आवश्यक सूचना: दोस्तों जैसा की आप सब लोग जानते ही होंगे की भारत में कोरोना नाम की महामारी बहुत तेजी से फ़ैल रही है तो मेरी आप सभी लोगो से यह अनुरोध है की आप सब लोग अपने साथ-साथ अपने परिवार और आस पड़ोस के बुजुर्ग एवं बच्चो का खास धयान रखें| क्योकि यह बीमीरी बुजुर्ग और बच्चों के लिए काफी घातक सिद्ध हो सकती है| में आप सभी लोगों के स्वस्थ, सुखी एवं निरोग जीवन की कामना करता हूँ|

दोस्तों अगर हो सके तो इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों के साथ शेयर करे|

धन्यवाद|

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